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अभी ख़रीदें, पहले बचाएँ या सस्ता चुनें? बाइक या फ़ोन का असली मासिक ख़र्च

घर पर फ़ोन देखते हुए किसी फ़ैसले पर सोचती एक महिला

छोटा जवाब: EMI (लोन की आपकी मासिक किस्त) ख़र्च का सिर्फ़ एक हिस्सा है। दोपहिया गाड़ी में पेट्रोल, बीमा और सर्विसिंग अक्सर हर महीने EMI का लगभग आधा और जोड़ देते हैं। पहले हिसाब लगाएँ कि बाइक रखने का हर महीने कितना ख़र्च आता है, और देखें कि यह आपके कमज़ोर महीने में फ़िट होता है या नहीं। फिर विकल्पों को साथ रखकर देखें: अभी EMI पर ख़रीदें, पहले बचत करें, या सस्ता मॉडल चुनें। कभी-कभी अभी ख़रीदना ही सही होता है, जैसे जब बाइक से आपकी कमाई होती हो।

स्थिति

रोहित, 23 साल, घर से 12 km दूर नई नौकरी शुरू कर रहे हैं। बस से हर तरफ़ एक घंटे से ज़्यादा लगता है। ₹95,000 की एक बाइक “सिर्फ़ ₹3,600 महीना” के ऑफ़र पर मिल रही है।

क़दम 1: ज़रूरत या इच्छा?

डिलीवरी की नौकरी के लिए बाइक पैसा कमाती है। नया फ़ोन लेना आम तौर पर नहीं कमाता। अपने आप से ईमानदारी से तय करें कि यह कौन-सी ख़रीद है।

क़दम 2: रखने का मासिक ख़र्च

काल्पनिक: रोज़ 30 km, महीने में 26 दिन, 50 km प्रति लीटर, पेट्रोल ₹105 लीटर, सर्विसिंग ₹3,500 सालाना, अपनी मर्ज़ी का ओन-डैमेज बीमा ₹1,500 सालाना। हिसाब Paisavy का है।

ख़र्च सालाना मासिक
पेट्रोल: 9,360 km ÷ 50 = 187 लीटर ₹19,656 ₹1,638
सर्विसिंग ₹3,500 ₹292
ओन-डैमेज बीमा (साल 2–5) ₹1,500 ₹125

मान लें रोहित नकद भुगतान करते हैं। 5 साल में ₹95,000 की बाइक के साथ पेट्रोल, सर्विसिंग और बीमा मिलाकर ₹2,16,780 बनते हैं। यानी लगभग ₹3,613 महीना।

क़दम 3: विकल्प साथ-साथ

A. अभी EMI पर ख़रीदें। रोहित ₹20,000 डाउन पेमेंट देते हैं और 14% ब्याज पर 24 महीने के लिए ₹75,000 का लोन लेते हैं। EMI ₹3,601 है और ब्याज ₹11,423। जब तक लोन चल रहा है, EMI, पेट्रोल और सर्विसिंग मिलाकर लगभग ₹5,531 महीना बनता है। 5 साल में वे कुल ₹2,28,203 चुकाते हैं।

B. पहले बचत करें। कोई ब्याज नहीं लगता। पर इंतज़ार की भी क़ीमत है: बस का किराया, बर्बाद समय, शायद छूटी हुई कमाई।

C. सस्ता चुनें। वे एक बेसिक नया मॉडल या सर्टिफ़ाइड पुरानी बाइक (जिसे डीलर ने जाँचा हो) ले सकते हैं। पुरानी बाइक में RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट), बीमा आपके नाम पर कैसे ट्रांसफ़र होगा, और सर्विस हिस्ट्री ज़रूर देखें।

लंबा लोन हिसाब बदल देता है। 36 महीने में EMI घटकर ₹2,563 हो जाती है, लेकिन ब्याज बढ़कर ₹17,280 हो जाता है। (देखें छोटी EMI, बड़ी लागत)

बीमा जिसे छोड़ नहीं सकते

थर्ड-पार्टी बीमा उस नुक़सान या चोट का भुगतान करता है जो आपसे दूसरों को पहुँचती है। क़ानून के मुताबिक़ यह ज़रूरी है। इसके बिना गाड़ी चलाने पर जुर्माना (पहली बार ₹2,000) और जेल तक हो सकती है।

नई दोपहिया गाड़ी के साथ 5 साल का थर्ड-पार्टी कवर होना ज़रूरी है। ओन-डैमेज कवर, जो आपकी अपनी बाइक के नुक़सान का भुगतान करता है, आपकी मर्ज़ी पर है और इसे हर साल रिन्यू किया जा सकता है। मालिक के तौर पर आपको अपने लिए ₹15 लाख का ज़रूरी पर्सनल-एक्सीडेंट कवर भी चाहिए, जब तक आपके पास पहले से कम से कम ₹15 लाख की पर्सनल-एक्सीडेंट पॉलिसी न हो।

एक छोटा उदाहरण: फ़ोन

काल्पनिक। हिसाब Paisavy का है।

₹24,000 का फ़ोन 24% ब्याज पर 12 महीने के लोन पर लें:

  • EMI ₹2,269 है। आप कुल ₹27,233 चुकाते हैं, यानी ₹3,233 ज़्यादा।
  • अगर आप इसकी जगह हर महीने ₹2,000 बचाएँ, तो 12 महीने में इसे ख़रीद सकते हैं और कुछ भी ज़्यादा नहीं देना पड़ता।
  • ₹15,000 का मॉडल, आज नकद ख़रीदा हुआ, शायद वही काम कर दे।

ग़लतफ़हमियाँ

  • “EMI ही ख़र्च है।” पेट्रोल, बीमा और सर्विसिंग ऊपर से काफ़ी जुड़ते हैं।
  • “ध्यान से चलाऊँ तो बीमा ज़रूरी नहीं।” थर्ड-पार्टी कवर क़ानूनन ज़रूरी है।
  • “लंबी EMI से सस्ता पड़ता है।” किस्त छोटी हो जाती है, पर ब्याज ज़्यादा देना पड़ता है।
  • “पहले बचत करना हमेशा बेहतर है।” नहीं, अगर ख़रीद से अभी कमाई होती है। हिसाब लगाकर देखें।

आज क्या जाँचें

  1. लिखें कि पेट्रोल, सर्विसिंग और बीमा पर हर महीने कितना ख़र्च होगा।
  2. उसमें EMI जोड़ें और कुल रकम को अपने कमज़ोर महीने से मिलाएँ।
  3. किसी सस्ते मॉडल या पुरानी बाइक की क़ीमत पता करें और तुलना करें।

अपनी संख्याओं से आज़माएँ

→ क्या यह मेरे बजट में है? EMI पर ख़रीदने, सस्ते विकल्प और बचत करके ख़रीदने की तुलना करें, चलाने के ख़र्च और कमज़ोर महीने की जाँच के साथ।


स्रोत और समीक्षा

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यह शैक्षिक जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं। कोई ग़लती दिखी? हमें बताएँ → · सुधारों की सूची