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लोन और EMIRead in English

"Pay Later" और BNPL: यह लोन है, और आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दिखता है

online ख़रीदारी करते हुए हाथों में फ़ोन और कार्ड

छोटा जवाब: “अभी ख़रीदें, बाद में चुकाएँ” (BNPL, Buy now, pay later) और “Pay Later” बटन किसी बैंक या NBFC (ऐसी फ़ाइनेंस कंपनी जो बैंक नहीं है) से लिए गए छोटी अवधि के लोन हैं। आम तौर पर ये आपको किसी app के ज़रिए मिलते हैं। RBI के Digital Lending Directions के तहत app को लोन देने वाले का नाम बताना होता है और आपको Key Facts Statement देना होता है। आपके भुगतान की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को भेजी जानी ज़रूरी है, इसलिए ₹500 का एक भी छूटा भुगतान आपकी क्रेडिट रिपोर्ट को नुक़सान पहुँचा सकता है। छोटी-छोटी फ़ीस जुड़कर ऊँची सालाना लागत बन सकती हैं। ज़्यादा से ज़्यादा एक ही प्रोवाइडर इस्तेमाल करें, और हर ड्यू डेट (चुकाने की आख़िरी तारीख़) याद रखें।

स्थिति

राहुल खाना मँगाने, ट्रेन टिकट और कुछ कपड़ों के लिए “Pay Later” इस्तेमाल करते हैं। हर ख़रीद छोटी लगती है। फिर एक ही हफ़्ते में तीन बिल चुकाने आ जाते हैं।

बटन के पीछे क्या है

पैसा एक रेगुलेटेड लोन देने वाले से आता है, यानी ऐसा बैंक या NBFC जिसकी निगरानी RBI करता है। app आम तौर पर लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर होता है: वह लोन देने वाले के लिए काम करता है और आपको लोन दिखाता है।

RBI के नियम आपको कुछ सुरक्षा देते हैं:

  • लोन देने वाले को (app के ज़रिए) बताना होता है कि आप किससे उधार ले रहे हैं, और आपको KFS (Key Facts Statement, लोन की लागत का छोटा सार) देना होता है।
  • पैसा सीधे आपके और लोन देने वाले के बीच जाना चाहिए।
  • आपको कम से कम एक दिन की कूलिंग-ऑफ अवधि मिलती है। इस दौरान आप बिना जुर्माने के लोन से निकल सकते हैं, अगर आप मूलधन (उधार ली गई रकम) और जितने दिन पैसा इस्तेमाल किया उतने दिनों की लागत चुका दें। अगर KFS में लिखा है, तो लोन देने वाला एक बार की उचित प्रोसेसिंग फ़ीस रख सकता है।
  • आपकी लिमिट तब तक नहीं बढ़ाई जा सकती जब तक आप ख़ुद साफ़ तौर पर न माँगें।

सब कुछ क्रेडिट ब्यूरो को भेजा जाता है, छोटी अवधि का “डेफ़र्ड पेमेंट” उधार भी, जिसमें आप किसी चीज़ का भुगतान बाद में करते हैं।

रुपयों में एक उदाहरण

काल्पनिक। हिसाब Paisavy का है।

फ़ीस। “30 दिन में चुकाएँ” वाले ₹3,000 के बिल के साथ ₹60 की कन्वीनियंस फ़ीस लगती है।

यह ₹60 ÷ ₹3,000 = 2% महीना है। अगर आप हर महीने इतना देते हैं, तो यह लगभग 26.8% सालाना बनता है। यह कई पर्सनल लोन की लागत से ज़्यादा है।

बिलों का ढेर। एक ही हफ़्ते में तीन Pay Later बिल चुकाने हैं: ₹1,200 + ₹2,500 + ₹800 = ₹4,500। राहुल हफ़्ते में लगभग ₹4,000 कमाते हैं, यानी ₹500 कम पड़ते हैं। अगर वे देर से चुकाते हैं, तो लेट फ़ीस लगती है और क्रेडिट रिपोर्ट पर निशान लग जाता है।

Pay Later का सुरक्षित इस्तेमाल

  1. ज़्यादा से ज़्यादा एक प्रोवाइडर इस्तेमाल करें। बाकी apps में “Pay Later” को भुगतान का डिफ़ॉल्ट तरीका न रहने दें, इसे बंद कर दें।
  2. हर ड्यू डेट लिखें और उसे अपनी सैलरी की तारीख़ से मिलाएँ।
  3. हर app में लोन देने वाले का नाम ढूँढें (“lending partner” या KFS में देखें) और जाँचें कि वह रेगुलेटेड है। (देखें लोन देने वाली कंपनी या loan app की जाँच कैसे करें)
  4. फ़ीस पढ़ें: कन्वीनियंस फ़ीस, लेट फ़ीस, और फ़्री अवधि के बाद लगने वाला कोई ब्याज।
  5. पूरा और समय पर चुकाएँ। अगर नहीं चुका सकते, तो ड्यू डेट से पहले लोन देने वाले से संपर्क करें।

UPI पर क्रेडिट लाइन

कुछ बैंक अब पहले से मंज़ूर (pre-approved) क्रेडिट लाइन को UPI से जोड़ने देते हैं। UPI वह सिस्टम है जिससे आप फ़ोन से अपने बैंक खाते से भुगतान करते हैं। इसके लिए पहले आपकी सहमति ज़रूरी है। फिर आप QR कोड स्कैन करके उधार के पैसे से भुगतान कर सकते हैं। इसे इस्तेमाल करना आसान है, पर यह फिर भी लोन है, ब्याज और ड्यू डेट के साथ। यह किसी भी दूसरे उधार की तरह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में जाता है।

ग़लतफ़हमियाँ

  • “Pay Later लोन नहीं है।” यह रेगुलेटेड लोन देने वाले का लोन है, और इसकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को जाती है।
  • “छोटी रकम से मेरे CIBIL पर असर नहीं पड़ता।” (CIBIL भारत के क्रेडिट ब्यूरो में से एक है।) हर भुगतान की जानकारी भेजी जाती है, इसलिए ₹500 का छूटा भुगतान भी गिना जाता है।
  • “अगर app बंद हो गया, तो मुझे चुकाना नहीं पड़ेगा।” आपको KFS में लिखे लोन देने वाले का पैसा चुकाना है, app का नहीं।

आज क्या जाँचें

  1. ख़रीदारी या डिलीवरी का हर app खोलें और देखें कि उसमें Pay Later चालू है या नहीं।
  2. Pay Later का हर बकाया और ड्यू डेट एक जगह लिखें।
  3. अपनी मुफ़्त क्रेडिट रिपोर्ट देखें कि ये खाते उसमें कैसे दिखते हैं।

अपनी संख्याओं से आज़माएँ

→ बजट टूल: Pay Later के बिल “लोन की किस्तें” में डालें और देखें कि कितना बचता है।


स्रोत और समीक्षा

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यह शैक्षिक जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं। कोई ग़लती दिखी? हमें बताएँ → · सुधारों की सूची